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हिंदी निबंध :- क्यों, कब और कैसे मनाई जाती है दीपावली ? (Dipawali Kab Hai Or Kaise Banai Jati Hai Diwali)/Download.

 

आज हम बात करने जा रहें है दिवाली पर, दीपावली भारतीय पर्वों में सर्वोत्तम मनाया जाता है, जिसका आयोजन अक्टूबर और नवम्बर के बीच होता है। यह पर्व रोशनी, पटाखों, मिठाई, पूजा, और उत्सव के रूप में मनाया जाता है। लोग अपने घरों को सजाकर इस पावन मौके को आत्मा और समृद्धि की आशा के साथ मनाते हैं| 

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दीपावली और विजयदशमी का इतिहास

दीपावली और विजयदशमी का इतिहास

दीपावली और विजयदशमी, भारतीय पर्वों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन दोनों त्योहारों का इतिहास गहरा और पौराणिक है, जो हमारे संस्कृति और परंपराओं को महत्वपूर्ण रूप से मर्कर करता है।

विजयदशमी का इतिहास

विजयदशमी, भारतीय उपमहाद्वीप में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिन्दू पर्व है। यह पर्व दशहरा के रूप में भी जाना जाता है और इसे 'विजयादशमी' के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व दुर्गा पूजा के पहले नौ दिनों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिसके बाद आखिरकार विजयदशमी आता है।

विजयदशमी का अर्थ होता है 'विजय का दिन'। इस दिन भगवान राम ने लंका के राक्षस राजा रावण को मारकर सीता माता को लंका से वापस पाया था। इससे विजयदशमी का आयोजन किया जाता है, जिसमें लंकाधिपति रावण के पुतले को आग में दिया जाता है, इसका पर्व के रूप में मनाया जाता है।

विजयदशमी के दिन भी विभिन्न राज्यों में दशहरा प्रक्रियाएँ आयोजित की जाती हैं, जिसमें रावण के पुतले की राख की भस्मीकरण की जाती है और लोग विजय का जश्न मनाते हैं।

दीपावली का इतिहास

दीपावली, जिसे दीपावली और दीवाली के नाम से भी जाना जाता है, भारत में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व आशिनु शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से अमावस्या तिथि तक मनाया जाता है, जो अक्टूबर और नवम्बर के बीच आता है।

दीपावली का इतिहास महाभारत काल में बसे है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में माता कात्यायनी की पूजा की थी। इसे विजयदशमी के बाद मनाया जाता है, और इसके चार दिन बदल कर वास्तुविद्या, काला, यात्रा, और विक्रम सम्प्रदाय के तौर पर मनाए जाते हैं।

दीपावली का अर्थ होता है 'दीपों की पंक्ति'। इस दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं, जिनका प्रतीक होता है अच्छाई की ओर जाने का। यह पर्व भगवान राम के अयोध्या लौटने के समय मनाया जाता है, जब उनके भक्तों ने उनके आगमन को दीपों से प्रकट किया था।

दीपावली के पर्व के दौरान लोग अपने घरों को सजाते हैं और उन्हें पुनः सजाने का अरंभ करते हैं। घर के आँगन में रंगों से बने आलेख बनाए जाते हैं और दीपों की रौशनी से पूरे घर को आकर्षक बनाया जाता है।

इस दिन लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशी मनाते हैं, मिठाईयाँ खाते हैं, और आपसी व्यवहार करते हैं। यह पर्व सद्गुणों, सौभाग्य, और समृद्धि की प्रतीक माना जाता है।

तारीखें और प्रमुख पात्र

तारीख प्रमुख पात्र
विजयदशमी भगवान राम, रावण
दीपावली भगवान राम, सीता माता, लक्ष्मण, हनुमान

इस प्रकार, विजयदशमी और दीपावली दो महत्वपूर्ण पर्व हैं जो हमारे समृद्धि, शुभकामनाओं, और पौराणिक धार्मिक महत्व का पालन करते हैं। ये पर्व विभिन्न कथाओं और धार्मिक विश्वासों का पालन करते हैं और हमारे जीवन को खुशियों और सफलता से भर देते हैं।